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प्रदेशभर के कैदी ओढ़ेंगे सेंट्रल जेल के बने कम्बल
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 भोपाल/इंदौर। सेंट्रल जेल में बनाए गए कम्बलों को प्रदेशभर के अन्य जेलों के कैदी भी अब पहन सकेंगे। यहां पर बंद कैदियों ने एक साल में करीब 15 हजार कम्बल बनाए है। जेल में रहकर इन कैदियों द्वारा सीखे गए हुनर के बाद आर्थिक लाभ भी उठाया जा रहा है। साथ ही सजा खत्म होने के बाद जेल से रिहा होते ही रोजगार का माध्यम भी इन कैदियों द्वारा जुटाया जा रहा है। 


सेंट्रल जेल में कैदियों द्वारा विगत एक वर्ष से कम्बलों का उत्पादन किया जा रहा है जिसका परिणाम यह है कि अब तक इन कैदियों द्वारा 15 हजार से अधिक कम्बलों का निर्माण कर लिया गया है जो स्टाक से अधिक है। जेल अधिकारियों के अनुसार प्रारंभ में कैदी प्रतिदिन छह, सात कम्बल ही बना पाते थे लेकिन जेल प्रबंधन द्वारा हैंडलूम की संख्या बढ़ाने और पूरी तरह प्रशिक्षित हो जाने और लागत के बाद उत्पादन तीन गुना हो गया है। जिसके कारण जेल में सजा काट रहे कैदियों द्वारा प्रतिदिन 18 से 20 कम्बल बनाए जा रहे है। इसके साथ ही यहां कालीन का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। प्रबंधन के अनुसार एक कालीन को बनाने 10 से 15 तक कैदियों द्वारा घंटों मेहनत की जा रही है। 

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