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हिमाचल विश्वविद्यालय में लगातार चौथे दिन छात्रों में झड़प, तनाव बरकरार
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 शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर एसएफआई और एबीवीपी के छात्र आमने-सामने हुए तथा दोनों पक्षों मेें पथराव हुआ। हिंसा में तीन छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल छात्र एसएफआई कार्यकर्ता बताया जा रहे हैं।

आक्रोशित छात्रों को शांत करना पुलिस प्रशासन के लिए टेढी खीर बन गई है। विश्वविद्यालय में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तथा त्वरित पुलिस बल का पहरा है। फिर भी हालात नियंत्रण से बाहर हैं। दोनों छात्र संगठनों के झगड़े से आम छात्र सहमे हुए हैं तथा उन्हें अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। विवि में पिछले चार दिन से तनावपूर्ण माहौल है। बीते एक अक्तूबर की रात विवि छात्रावास से दोनों छात्र संगठनों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। बुधवार को विवि परिसर पूरी तरह छावनी में तबदील था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे परिसर के बाहर समरहिल चैक पर किसी बात को लेकर एसएफआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खुनी झ़ड़प हुई। इसमें ज्यादातर तादाद एबीवीपी वर्करों की थीं।

इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। राॅड और खुखरी का भी प्रयोग हुआ। झड़प में एसएफआई के तीन वर्करों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। समरहिल चैक पर लगे एसएफआई के बैनर फाड़ दिए गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मौके पर से 15 एबीवीपी और 2 एसएफआई वर्करों को गिरफतार कर लिया। मौके का जायजा लेने प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवि पहुंचे और मौजूदा हालात का जायजा लिया। पुलिस हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक तीन दर्जन हमलावर छात्रों को हिरासत में ले चुकी है। 

इधर, विवि के कुलपति प्रो0 एडीएन वाजपेयी ने दोनों छात्र संगठनों से अनुशासन में रहने और शांति कायम करने की फिर अपील की है। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस बीच छात्रों के बीच झड़प से विवि में तनावपूर्ण माहौल के चलते विवि की ग्रेडिंग पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि विश्वविद्यालय का जायजा लेने वाली नेक की टीम पिछले तीन दिनों से यहां मौजूद है और तब से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इस समय विवि का बी प्लस गे्रड है तथा कुलपति ए ग्रेड मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नैक की टीम कल आखिरी दिन विश्वविद्यालय के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद वापिस लौट जाएगी।शिमला, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर एसएफआई और एबीवीपी के छात्र आमने-सामने हुए तथा दोनों पक्षों मेें पथराव हुआ। हिंसा में तीन छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल छात्र एसएफआई कार्यकर्ता बताया जा रहे हैं।

आक्रोशित छात्रों को शांत करना पुलिस प्रशासन के लिए टेढी खीर बन गई है। विश्वविद्यालय में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तथा त्वरित पुलिस बल का पहरा है। फिर भी हालात नियंत्रण से बाहर हैं। दोनों छात्र संगठनों के झगड़े से आम छात्र सहमे हुए हैं तथा उन्हें अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। विवि में पिछले चार दिन से तनावपूर्ण माहौल है। बीते एक अक्तूबर की रात विवि छात्रावास से दोनों छात्र संगठनों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। बुधवार को विवि परिसर पूरी तरह छावनी में तबदील था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे परिसर के बाहर समरहिल चैक पर किसी बात को लेकर एसएफआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खुनी झ़ड़प हुई। इसमें ज्यादातर तादाद एबीवीपी वर्करों की थीं।

इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। राॅड और खुखरी का भी प्रयोग हुआ। झड़प में एसएफआई के तीन वर्करों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। समरहिल चैक पर लगे एसएफआई के बैनर फाड़ दिए गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मौके पर से 15 एबीवीपी और 2 एसएफआई वर्करों को गिरफतार कर लिया। मौके का जायजा लेने प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवि पहुंचे और मौजूदा हालात का जायजा लिया। पुलिस हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक तीन दर्जन हमलावर छात्रों को हिरासत में ले चुकी है। 

इधर, विवि के कुलपति प्रो0 एडीएन वाजपेयी ने दोनों छात्र संगठनों से अनुशासन में रहने और शांति कायम करने की फिर अपील की है। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस बीच छात्रों के बीच झड़प से विवि में तनावपूर्ण माहौल के चलते विवि की ग्रेडिंग पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि विश्वविद्यालय का जायजा लेने वाली नेक की टीम पिछले तीन दिनों से यहां मौजूद है और तब से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इस समय विवि का बी प्लस गे्रड है तथा कुलपति ए ग्रेड मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नैक की टीम कल आखिरी दिन विश्वविद्यालय के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद वापिस लौट जाएगी।शिमला, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर एसएफआई और एबीवीपी के छात्र आमने-सामने हुए तथा दोनों पक्षों मेें पथराव हुआ। हिंसा में तीन छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल छात्र एसएफआई कार्यकर्ता बताया जा रहे हैं।

आक्रोशित छात्रों को शांत करना पुलिस प्रशासन के लिए टेढी खीर बन गई है। विश्वविद्यालय में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तथा त्वरित पुलिस बल का पहरा है। फिर भी हालात नियंत्रण से बाहर हैं। दोनों छात्र संगठनों के झगड़े से आम छात्र सहमे हुए हैं तथा उन्हें अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। विवि में पिछले चार दिन से तनावपूर्ण माहौल है। बीते एक अक्तूबर की रात विवि छात्रावास से दोनों छात्र संगठनों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। बुधवार को विवि परिसर पूरी तरह छावनी में तबदील था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे परिसर के बाहर समरहिल चैक पर किसी बात को लेकर एसएफआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खुनी झ़ड़प हुई। इसमें ज्यादातर तादाद एबीवीपी वर्करों की थीं।

इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। राॅड और खुखरी का भी प्रयोग हुआ। झड़प में एसएफआई के तीन वर्करों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। समरहिल चैक पर लगे एसएफआई के बैनर फाड़ दिए गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मौके पर से 15 एबीवीपी और 2 एसएफआई वर्करों को गिरफतार कर लिया। मौके का जायजा लेने प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवि पहुंचे और मौजूदा हालात का जायजा लिया। पुलिस हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक तीन दर्जन हमलावर छात्रों को हिरासत में ले चुकी है। 

इधर, विवि के कुलपति प्रो0 एडीएन वाजपेयी ने दोनों छात्र संगठनों से अनुशासन में रहने और शांति कायम करने की फिर अपील की है। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस बीच छात्रों के बीच झड़प से विवि में तनावपूर्ण माहौल के चलते विवि की ग्रेडिंग पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि विश्वविद्यालय का जायजा लेने वाली नेक की टीम पिछले तीन दिनों से यहां मौजूद है और तब से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इस समय विवि का बी प्लस गे्रड है तथा कुलपति ए ग्रेड मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नैक की टीम कल आखिरी दिन विश्वविद्यालय के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद वापिस लौट जाएगी।शिमला, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर एसएफआई और एबीवीपी के छात्र आमने-सामने हुए तथा दोनों पक्षों मेें पथराव हुआ। हिंसा में तीन छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल छात्र एसएफआई कार्यकर्ता बताया जा रहे हैं।

आक्रोशित छात्रों को शांत करना पुलिस प्रशासन के लिए टेढी खीर बन गई है। विश्वविद्यालय में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तथा त्वरित पुलिस बल का पहरा है। फिर भी हालात नियंत्रण से बाहर हैं। दोनों छात्र संगठनों के झगड़े से आम छात्र सहमे हुए हैं तथा उन्हें अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। विवि में पिछले चार दिन से तनावपूर्ण माहौल है। बीते एक अक्तूबर की रात विवि छात्रावास से दोनों छात्र संगठनों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। बुधवार को विवि परिसर पूरी तरह छावनी में तबदील था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे परिसर के बाहर समरहिल चैक पर किसी बात को लेकर एसएफआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खुनी झ़ड़प हुई। इसमें ज्यादातर तादाद एबीवीपी वर्करों की थीं।

इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। राॅड और खुखरी का भी प्रयोग हुआ। झड़प में एसएफआई के तीन वर्करों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। समरहिल चैक पर लगे एसएफआई के बैनर फाड़ दिए गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मौके पर से 15 एबीवीपी और 2 एसएफआई वर्करों को गिरफतार कर लिया। मौके का जायजा लेने प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवि पहुंचे और मौजूदा हालात का जायजा लिया। पुलिस हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक तीन दर्जन हमलावर छात्रों को हिरासत में ले चुकी है। 

इधर, विवि के कुलपति प्रो0 एडीएन वाजपेयी ने दोनों छात्र संगठनों से अनुशासन में रहने और शांति कायम करने की फिर अपील की है। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस बीच छात्रों के बीच झड़प से विवि में तनावपूर्ण माहौल के चलते विवि की ग्रेडिंग पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि विश्वविद्यालय का जायजा लेने वाली नेक की टीम पिछले तीन दिनों से यहां मौजूद है और तब से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इस समय विवि का बी प्लस गे्रड है तथा कुलपति ए ग्रेड मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नैक की टीम कल आखिरी दिन विश्वविद्यालय के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद वापिस लौट जाएगी।शिमला, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर एसएफआई और एबीवीपी के छात्र आमने-सामने हुए तथा दोनों पक्षों मेें पथराव हुआ। हिंसा में तीन छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल छात्र एसएफआई कार्यकर्ता बताया जा रहे हैं।

आक्रोशित छात्रों को शांत करना पुलिस प्रशासन के लिए टेढी खीर बन गई है। विश्वविद्यालय में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तथा त्वरित पुलिस बल का पहरा है। फिर भी हालात नियंत्रण से बाहर हैं। दोनों छात्र संगठनों के झगड़े से आम छात्र सहमे हुए हैं तथा उन्हें अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। विवि में पिछले चार दिन से तनावपूर्ण माहौल है। बीते एक अक्तूबर की रात विवि छात्रावास से दोनों छात्र संगठनों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। बुधवार को विवि परिसर पूरी तरह छावनी में तबदील था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे परिसर के बाहर समरहिल चैक पर किसी बात को लेकर एसएफआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खुनी झ़ड़प हुई। इसमें ज्यादातर तादाद एबीवीपी वर्करों की थीं।

इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। राॅड और खुखरी का भी प्रयोग हुआ। झड़प में एसएफआई के तीन वर्करों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। समरहिल चैक पर लगे एसएफआई के बैनर फाड़ दिए गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मौके पर से 15 एबीवीपी और 2 एसएफआई वर्करों को गिरफतार कर लिया। मौके का जायजा लेने प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवि पहुंचे और मौजूदा हालात का जायजा लिया। पुलिस हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक तीन दर्जन हमलावर छात्रों को हिरासत में ले चुकी है। 

इधर, विवि के कुलपति प्रो0 एडीएन वाजपेयी ने दोनों छात्र संगठनों से अनुशासन में रहने और शांति कायम करने की फिर अपील की है। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस बीच छात्रों के बीच झड़प से विवि में तनावपूर्ण माहौल के चलते विवि की ग्रेडिंग पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि विश्वविद्यालय का जायजा लेने वाली नेक की टीम पिछले तीन दिनों से यहां मौजूद है और तब से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इस समय विवि का बी प्लस गे्रड है तथा कुलपति ए ग्रेड मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नैक की टीम कल आखिरी दिन विश्वविद्यालय के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद वापिस लौट जाएगी।शिमला, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर एसएफआई और एबीवीपी के छात्र आमने-सामने हुए तथा दोनों पक्षों मेें पथराव हुआ। हिंसा में तीन छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल छात्र एसएफआई कार्यकर्ता बताया जा रहे हैं।

आक्रोशित छात्रों को शांत करना पुलिस प्रशासन के लिए टेढी खीर बन गई है। विश्वविद्यालय में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तथा त्वरित पुलिस बल का पहरा है। फिर भी हालात नियंत्रण से बाहर हैं। दोनों छात्र संगठनों के झगड़े से आम छात्र सहमे हुए हैं तथा उन्हें अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। विवि में पिछले चार दिन से तनावपूर्ण माहौल है। बीते एक अक्तूबर की रात विवि छात्रावास से दोनों छात्र संगठनों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। बुधवार को विवि परिसर पूरी तरह छावनी में तबदील था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे परिसर के बाहर समरहिल चैक पर किसी बात को लेकर एसएफआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खुनी झ़ड़प हुई। इसमें ज्यादातर तादाद एबीवीपी वर्करों की थीं।

इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। राॅड और खुखरी का भी प्रयोग हुआ। झड़प में एसएफआई के तीन वर्करों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। समरहिल चैक पर लगे एसएफआई के बैनर फाड़ दिए गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मौके पर से 15 एबीवीपी और 2 एसएफआई वर्करों को गिरफतार कर लिया। मौके का जायजा लेने प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवि पहुंचे और मौजूदा हालात का जायजा लिया। पुलिस हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक तीन दर्जन हमलावर छात्रों को हिरासत में ले चुकी है। 

इधर, विवि के कुलपति प्रो0 एडीएन वाजपेयी ने दोनों छात्र संगठनों से अनुशासन में रहने और शांति कायम करने की फिर अपील की है। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस बीच छात्रों के बीच झड़प से विवि में तनावपूर्ण माहौल के चलते विवि की ग्रेडिंग पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि विश्वविद्यालय का जायजा लेने वाली नेक की टीम पिछले तीन दिनों से यहां मौजूद है और तब से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इस समय विवि का बी प्लस गे्रड है तथा कुलपति ए ग्रेड मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नैक की टीम कल आखिरी दिन विश्वविद्यालय के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद वापिस लौट जाएगी।शिमला, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर एसएफआई और एबीवीपी के छात्र आमने-सामने हुए तथा दोनों पक्षों मेें पथराव हुआ। हिंसा में तीन छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल छात्र एसएफआई कार्यकर्ता बताया जा रहे हैं।

आक्रोशित छात्रों को शांत करना पुलिस प्रशासन के लिए टेढी खीर बन गई है। विश्वविद्यालय में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तथा त्वरित पुलिस बल का पहरा है। फिर भी हालात नियंत्रण से बाहर हैं। दोनों छात्र संगठनों के झगड़े से आम छात्र सहमे हुए हैं तथा उन्हें अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। विवि में पिछले चार दिन से तनावपूर्ण माहौल है। बीते एक अक्तूबर की रात विवि छात्रावास से दोनों छात्र संगठनों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। बुधवार को विवि परिसर पूरी तरह छावनी में तबदील था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे परिसर के बाहर समरहिल चैक पर किसी बात को लेकर एसएफआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खुनी झ़ड़प हुई। इसमें ज्यादातर तादाद एबीवीपी वर्करों की थीं।

इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। राॅड और खुखरी का भी प्रयोग हुआ। झड़प में एसएफआई के तीन वर्करों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। समरहिल चैक पर लगे एसएफआई के बैनर फाड़ दिए गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मौके पर से 15 एबीवीपी और 2 एसएफआई वर्करों को गिरफतार कर लिया। मौके का जायजा लेने प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवि पहुंचे और मौजूदा हालात का जायजा लिया। पुलिस हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक तीन दर्जन हमलावर छात्रों को हिरासत में ले चुकी है। 

इधर, विवि के कुलपति प्रो0 एडीएन वाजपेयी ने दोनों छात्र संगठनों से अनुशासन में रहने और शांति कायम करने की फिर अपील की है। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस बीच छात्रों के बीच झड़प से विवि में तनावपूर्ण माहौल के चलते विवि की ग्रेडिंग पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि विश्वविद्यालय का जायजा लेने वाली नेक की टीम पिछले तीन दिनों से यहां मौजूद है और तब से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इस समय विवि का बी प्लस गे्रड है तथा कुलपति ए ग्रेड मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नैक की टीम कल आखिरी दिन विश्वविद्यालय के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद वापिस लौट जाएगी।शिमला, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बुधवार को एक बार फिर एसएफआई और एबीवीपी के छात्र आमने-सामने हुए तथा दोनों पक्षों मेें पथराव हुआ। हिंसा में तीन छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल छात्र एसएफआई कार्यकर्ता बताया जा रहे हैं।

आक्रोशित छात्रों को शांत करना पुलिस प्रशासन के लिए टेढी खीर बन गई है। विश्वविद्यालय में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तथा त्वरित पुलिस बल का पहरा है। फिर भी हालात नियंत्रण से बाहर हैं। दोनों छात्र संगठनों के झगड़े से आम छात्र सहमे हुए हैं तथा उन्हें अपनी पढ़ाई की चिंता सता रही है। विवि में पिछले चार दिन से तनावपूर्ण माहौल है। बीते एक अक्तूबर की रात विवि छात्रावास से दोनों छात्र संगठनों के बीच झगड़ा शुरू हुआ था। बुधवार को विवि परिसर पूरी तरह छावनी में तबदील था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे परिसर के बाहर समरहिल चैक पर किसी बात को लेकर एसएफआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं में खुनी झ़ड़प हुई। इसमें ज्यादातर तादाद एबीवीपी वर्करों की थीं।

इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। राॅड और खुखरी का भी प्रयोग हुआ। झड़प में एसएफआई के तीन वर्करों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। समरहिल चैक पर लगे एसएफआई के बैनर फाड़ दिए गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मौके पर से 15 एबीवीपी और 2 एसएफआई वर्करों को गिरफतार कर लिया। मौके का जायजा लेने प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विवि पहुंचे और मौजूदा हालात का जायजा लिया। पुलिस हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक तीन दर्जन हमलावर छात्रों को हिरासत में ले चुकी है। 

इधर, विवि के कुलपति प्रो0 एडीएन वाजपेयी ने दोनों छात्र संगठनों से अनुशासन में रहने और शांति कायम करने की फिर अपील की है। उन्होंने कहा कि आरोपी छात्रों पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस बीच छात्रों के बीच झड़प से विवि में तनावपूर्ण माहौल के चलते विवि की ग्रेडिंग पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि विश्वविद्यालय का जायजा लेने वाली नेक की टीम पिछले तीन दिनों से यहां मौजूद है और तब से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इस समय विवि का बी प्लस गे्रड है तथा कुलपति ए ग्रेड मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नैक की टीम कल आखिरी दिन विश्वविद्यालय के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद वापिस लौट जाएगी।

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