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फरीदाबाद के दोनों व्यापािरयों को पुलिस ने 24 घंटे में मुक्त कराया
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फरीदाबाद।

कोसी कलां में सस्ता स्क्रैप खरीदने गए दो व्यापारी वहां टटलू गिरोह के चंगुल में फंस गए। गिरोह के सदस्यों ने दोनों को बंधक बना लिया। व्यापारियों के जरिए उनके परिजनों से 10 लाख रुपए मांग थे। डीसीपी बल्लभगढ़ भूपेंद्र सांगवान के नेतृत्व में बंधक व्यापारियों को छुड़ाने के लिए पांच टीम गठित की गई थी। 24 घंटे की लगातार कार्रवाई के बाद मंगलवार शाम करीब सात बजे अपहृत व्यापारियों को छाता-वृंदावन रोड पर एक जंगल से मुक्त करा लिया गया।

पुलिस ने मौके से एक अपहर्ता को भी पकड़ा है। दोनों व्यापारियों को गिरोह के चंगुल से मुक्त कराकर पुलिस टीम मंगलवार रात 10 बजे फरीदाबाद पहुंची। डीसीपी भूपेंद्र सांगवान के मुताबिक पुलिस टीम को मंगलवार शाम को अपहरणकर्ता गिरोह की लोकेशन छाता-वृंदावन रोड स्थित एक जंगल की मिली। इसके बाद पुलिस ने जंगल क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया। पांचों टीम कम्युनिकेट करते हुए जंगल के बीचोंबीच पहुंची। पुलिस टीम को देखकर अपहरणकर्ता भागने लगे। चार लोग वहां से भागने में कामयाब रहे जबकि एक को पुलिस ने दबोच लिया।

इस कार्रवाई में सीआईए बदरपुर बॉर्डर की टीम इंचार्ज विमल कुमार के नेतृत्व में काम कर रही थी जबकि सीआईए डीएलएफ की टीम इंचार्ज सतेंद्र रावल, सीआईए सेक्टर-56 की टीम आनंद कुमार, सेक्टर-8 चौकी की टीम एएसआई अशोक कुमार और ऊंचा गांव सीआईए की टीम जुटी हुई थी। क्या है मामला : सेक्टर-8 में रहने वाली रेनू जोशी ने पुलिस को शिकायत दी कि उसका पति योगेश जोशी और सेक्टर-11डी में रहने वाला राकेश बत्तरा दोनों साझे में सेक्टर-31 में स्क्रैप का कारोबार करते हैं। छह मार्च की सुबह योगेश और राकेश कोसी कलां में स्क्रैप देखने के लिए घर से निकले थे। इन दोनों को कोसी कलां से ही किसी व्यक्ति ने फोन करके सस्ते भाव पर स्क्रैप दिलवाने की बात कही थी। रात को उनके पति योगेश का फोन आया तो उन्होंने कहा कि आज काम नहीं बन पाया है, सात मार्च की दोपहर तक घर वापस लौटेंगे। सोमवार शाम को योगेश और राकेश ने अपने-अपने घर फोन किया कि वे यहां एक गिरोह के चंगुल में फंस गए हैं।

इन्होंने बंधक बना रखा है, जो सकुशल छोडऩे की एवज में पांच-पांच लाख रुपए की मांग कर रहे हैं। जब व्यापारियों के परिजनों को यह पता चला तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस आयुक्त सुभाष यादव के निर्देश पर मामले को सुलझाने के लिए डीसीपी बल्लभगढ़ भूपेंद्र सांगवान के नेतृत्व में पांच टीम गठित की गई थी। सभी टीम सोमवार रात से कोसीकलां में डेरा डाले हुए थी। पुलिस सोमवार शाम सात बजे ही बंधक व्यापारियों का सुराग लगाने में जुट गई थी। इस आपरेशन की कामयाबी में साइबर सेल की मदद काफी महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने जब जंगल में दबिश दी तो कुछ अपहर्ता भागने में कामयाब हो गए, एक को पकड़ लिया है। दोनों व्यापारियों को सकुशल छुड़वा लिया गया है।

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