राज्यों से
अस्पताल में भटकते रहे मृत मासूम के परिजन
जगदलपुर।
 
 मेडिकल कॉलेज के शिशु वॉर्ड में एक मासूम का शव पूरे चार घंटे तक पड़ा रहा। इस बीच मृतक का पिता और परिजन हास्पिटल में इधर-उधर भटकते रहे पर किसी ने उनकी कोई मदद नहीं की। उल्लेखनीय है कि चार जनवरी को गायनिक वॉर्ड में बीजापुर जिले के दंपत्ति के नवजात की मौत के बाद 12 घंटे तक झोले में शव लेकर घूमने के मामले में न्यायिक जांच के आदेश हुए हैं और जांच पूरी भी नहीं हुई है। एक बार फिर स्टाफ ने अमानवीयता का उदाहरण पेश किया है।
 
 सीमाई प्रांत ओडिशा के गिरला गांव का एनुधर माली अपने तीन महीने के निमोनिया से पीडि़त पुत्र मानस को लेकर मेकाज पहुंचा। एनुधर ने बताया कि वह अपने बच्चे की कुशलता की आस लेकर यहां पहुंचा था। उसकी जान तो नहीं बची पर यहां के लोगों ने शव का सम्मान भी नहीं किया। रविवार की शाम 6 बजे बच्चे की मौत हुई और रात 10 बजे तक परिजन मुक्तांजलि वाहन के लिए इधर-उधर भटकते रहे। बच्चे की मौत के बाद पिता एनुधर उसके शव को लेकर गांव लौटने स्टाफ के समक्ष मिन्नतें कर रहा था लेकिन किसी ने उसकी कोई मदद नहीं की। गिरला गांव जगदलपुर से 40 किलोमीटर दूर सीमाई प्रांत ओडि़शा में है। इस पूरे क्षेत्र के लोग इलाज के लिए जगदलपुर पर ही निर्भर हैं। 
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