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मैं सिर्फ मूवी बनाने में विश्वाश नहीं रखता जब तक उस मूवी में कोई कहानी ना हो: करण गुइलानी
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 बॉलीवुड डेस्क- हॉलीवुड में अपनी जगह बना रही बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा एक्टिंग के साथ ही प्रोडक्शन में भी हाथ आजमा रही हैं। प्रियंका ने हाल ही में फिल्म 'सरवन' का ट्रेलर लॉन्च किया था। यह कहानी है एक ऐसे एनआरआई की जो भारत लौटता है, फिर अपनी एक अलग पहचान खोजता है। निर्माता के तौर पर वह पंजाबी फिल्मों में नई पारी शुरू करने जा रही हैं। फिल्म 'सरवन' का निर्देशन करण गुइलानी ने किया है। प्रियंका चोपड़ा के इस पंजाबी फिल्म, उनके कार्य, व्यहवार व सहयोग को लेकर स्वयं फिल्म निर्देशक करण गुइलानी ने की ख़ास बातचीत और उनसे हमने उनके कार्यशैली को भी लेकर की बातचीत, पेश है बातचीत के कुछ अंश-

प्रियंका चोपड़ा के साथ पहली पंजाबी मूवी करते हुए आपका अनुभव कैसा रहा?
देखिये, प्रियंका चोपड़ा न ही एक ब्रांड नाम है साथ ही एक अच्छा निर्माता होने की पहचान भी हैं। उनके साथ काम करते हुए मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि नौवे आसमान पर पहुंच गया हूँ। वह बहुत ही अच्छी इंसान, बहुत ही सहायक और क्रिएटिव नेचर की हैं साथ ही वह फिल्म निर्देशक की जरूरत को सही ढंग से समझती हैं।
 
प्रियंका बॉलीवुड की एक बहुत बड़ी स्टार हैं, तो क्या एक निर्माता के तौर पर कार्य करने से उनके एक्टिंग कैरियर पर प्रभाव देखा जा सकता है ?
नहीं बिलकुल नहीं, मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ उनके एक्टिंग कैरियर पर कोई प्रभाव देखा जा सकता है, वह ऐसी एक्ट्रेस हैं जो फिल्मों में विश्वास रखती हैं तो मुझे कुछ ऐसा नहीं लगता।
 
फिल्म 'सरवन' का ख्याल आपको कैसे आया ?
देखिये मैं एक हिंदी मूवी बनाने की सोच रहा था और इसके लिए मैं एक हिंदी स्क्रिप्ट लेकर प्रियंका के आफिस गया जो मैं उनके साथ बनाना चाहता था लेकिन वह अपने हॉलीवुड मूवी को लेकर काफी व्यस्त थी और शूटिंग की वजह से उनके पास टाइम नहीं था लेकिन फिर भी उनकी टीम ने स्क्रिप्ट की सराहना की और इसी बातचीत के दौरान हमे पंजाबी फिल्म करने का ध्यान आया और उनकी टीम ने तुरंत ही प्रियंका की मम्मी मधु चोपड़ा को बुलाया और उन्होंने हमारे कांसेप्ट की सराहना की और प्रियंका से बात करने की बात कहीं और जब प्रियंका भारत लौटी तो उनको भी स्क्रिप्ट पसंद आ गयी और वह भी इसमें ज्वाइन हो गयीं।
  
आपको अबतक यहाँ तक पहुँचने का सफर कैसा रहा ?
मैंने अपनी कैरियर की शुरुआत एक टूथपेस्ट ब्रांड के चाइल्ड मॉडल के रूप में किया और उसके बाद मैंने कई थियेटर भी किया और कई सारे अवार्ड भी मुझे मिला लेकिन जब मैं उम्र २२-२३ के करीब पहुंच गया तो मुझे अपने एक्टिंग से संतुष्टि नहीं हो रही थी तो मैंने फिल्म मेकिंग कोर्स करने को सोचा, लेकिन घर की आर्थिक स्तिथि ठीक नहीं थी फिर भी इन सब के बावजूद मैंने हार नहीं माना और अपनी कोशिशें जारी रखी और भगवान् को तो लगता ही है की मेरे लिए कुछ अच्छा ही मंजूर था और उनका साथ मिला और आज मैं अच्छे स्थान पर हूँ।
 
 फिल्म 'सरवन' की अगर मैं बात करू तो कैसी फिल्म है और क्या कहानी है ?
देखिये ये जो फिल्म 'सरवन' है ये मुख्यतः २२-२३ साल के युवाओं के लिए है। इस एज में जो बच्चॆ हैं वह अपने माता-पिता को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं लेकिन जैसे-जैसे वह बड़े होते हैं उन्हें एहसास होता है कि क्या सही और क्या गलत है और आगे चलकर श्रवण कुमार की तरह बनना चाहते हैं। इस मूवी में भी एक लड़के के साथ यही कहानी है।  
 
 
आप किस तरह की फिल्म बनाना पसंद करते हैं ?
आप को बता दू कि मैं एक स्टोरी टेलर हूँ, मेरे लिए फिल्म नहीं अपितु उसकी स्टोरी काफी मायने रखती है, मैं जहां कहीं भी आता जाता रहता हूं मैं हमेशा एक नई-नई कहानियां ढूंढता हूं।  मैं सिर्फ मूवी बनाने में विश्वाश नहीं रखता जब तक उस मूवी में कोई कहानी ना हो। कहानी से भरपूर फिल्म ही मुझे पसंद है।  
 
क्या आप एक्टिंग के रूप में भी अपना योगदान फिल्म इंडस्ट्री को देना चाहेंगे?
मैंने इसके बारे में कभी ज्यादा सोचा नहीं, मुझे पता नहीं है, मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है फिल्म की स्टोरी और उसका कैरेक्टर, हां अगर भविष्य में अगर चांस मिलता है तो मैं कोशिश जरूर करना चाहूंगा।   

 

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